Shopping cart
₹0.00
Sale!

Willmar Schwabe India Petroselinum Sativum 200 CH (30ml)

In stock

खुजली बवासीर के लिए, मूत्र संबंधी शिकायतें, रतौंधी, उच्च शारीरिक तापमान।
For Itching Hemorrhoids, Urinary Complaints, Night-blindness, High Body Temperature

100.00

Description

WSI Petroselinum Sativum 200 CH

Medicine Name : Petroselinum Sativum 200 CH
Company Name : Willmar Schwabe India
Ingredients Base : Homeopathic
Form : Drops
Presentation : 30 ML
Potency : 200 Ch (Dilution)

Common Name: Parsley, Carum Petroselinum 
सामान्य नाम: अजमोद, कैरम पेट्रोसेलिनम

पेट्रोसेलीनम – Petroselinum

About medicine:
The effect of the drug Petroselinum is especially on the ureter. It is useful in relieving many types of symptoms related to the ureter. In addition to the disease of piles, itching occurs on the anus. Petroselinum is used to cure this type of symptom.

औषधि के बारे में:
पेट्रोसेलिनम औषधि का प्रभाव विशेष रूप से मूत्र-यन्त्र पर होता है। यह मूत्रयन्त्र से सम्बन्धित कई प्रकार के लक्षणों को दूर करने में उपयोगी है। बवासीर के रोग होने के साथ ही मलद्वार पर अधिक खुजली होना। इस प्रकार के लक्षण को ठीक करने के लिए पेट्रोसेलिनम औषधि का उपयोग किया जाता है।

Use of the drug Petroselinum in various symptoms:
Symptoms related to urine: – After urination, there is a prick in the urine-door first, followed by bite pain. The young child gets urination all of a sudden and after that, there is pain on urinating, due to which the child keeps jumping and jumping. From the suture (perineum) of the upper part of the ureter, there is irritation and tingling in the urethra and often a tickle is felt in the pit of the ureter. In case of gonorrhea, in which the patient suddenly passes urine and the patient is unable to stop urination, itching occurs in the deep part of the urethra, the patient rubs his penis with something hard to remove itching. Pain occurs at the root of the penis or at the mouth of the bladder. Along with pain and itching in the depths of the urethra, there is secretion of milk and stimulation of sexual intercourse. If any person has any of the symptoms related to this type of urine, then Petroselinum drug should be used to cure the symptoms of his disease, due to which such symptoms are cured.

विभिन्न लक्षणों में पेट्रोसेलिनम औषधि का उपयोग :
मूत्र से सम्बन्धित लक्षण :- पेशाब करने के बाद मूत्र-द्वार में पहले चुभन होती है इसके बाद काटने जैसा दर्द होता है। छोटे बच्चे को एकाएक पेशाब हो जाता है और इसके बाद पेशाब करने पर दर्द होता है जिसके कारण से बच्चा उछलता और कूदता रहता है। मूत्रनली के ऊपरी की सीवन (पेरिनियम) से लेकर सारे मूत्रद्वार में जलन और झनझनाहट होती है और मूत्रद्वार के गड्ढे में अक्सर गुदगुदी महसूस होती है। सूजाक रोग होना जिसमें रोगी को एकाएक पेशाब निकल जाता है और रोगी पेशाब को रोक नहीं पाता है, मूत्रद्वार के गहरे हिस्से में खुजली होती है, खुजलाहट को दूर करने के लिए रोगी अपने लिंग को किसी सख्त चीज से रगड़ता है। लिंग की जड़ में या मूत्राशय के मुंह पर दर्द होता है। मूत्रमार्ग की गहराई में दर्द और खुजली होने के साथ ही दूध जैसा स्राव होता है तथा संभोग की उत्तेजना भी होती है। इस प्रकार के मूत्र से सम्बन्धित लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति को हो गया है तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पेट्रोसेलिनम औषधि का प्रयोग करना चाहिए जिसके फलस्वरूप इस प्रकार के लक्षण ठीक हो जाते हैं।

Gastric symptoms:
The patient feels more thirst and hunger and the desire to eat and drink disappears as soon as he starts eating and drinking. Petroselinum drug should be used to cure the symptoms of the patient suffering from such symptoms.
आमाशय से सम्बन्धित लक्षण :
रोगी को प्यास और भूख अधिक लगती है और खाना-पीना शुरू करते ही खाने और पीने की इच्छा खत्म हो जाती है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पेट्रोसेलिनम औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

Relationship:
Sata, cantha, merc and can use medicines to cure the symptoms of sudden urination. Petroselinum is also used to cure this type of symptom. Therefore, some properties of these drugs can be compared with the drug Petroselinum.
सम्बन्ध (रिलेशन) :
एकाएक ही पेशाब हो जाने के लक्षण को ठीक करने के लिए सैटा, कैन्था, मर्क तथा कैन औषधियों का प्रयोग करते हैं। इस प्रकार के लक्षण को ठीक करने के लिए पेट्रोसेलिनम औषधि का भी प्रयोग करते है। अत: इन औषधियों के कुछ गुणों की तुलना पेट्रोसेलिनम औषधि से कर सकते हैं।

Side effects , साइड इफेक्ट :

There are no such side effects. But every medicine should be taken following the rules as given. 
ऐसे कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। लेकिन हर दवा को दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए।

It is safe to take the medicine even if you are on other mode of medication like allopathy medicines, ayurvedic etc. 
यदि आप किसी अन्य चिकित्सा पद्धति जैसे एलोपैथी दवाओं, आयुर्वेदिक आदि पर हैं तो भी दवा लेना सुरक्षित है।

Homeopathic medicines never interfere with the action of other medicines.
होम्योपैथिक दवाएं कभी भी अन्य दवाओं की कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं करती हैं।

Dosage:
Take 5 drops in half cup of water three times a day.
खुराक:
आधा कप पानी में 5 बूंद दिन में तीन बार लें।

How to take medicine :
1 : Take homeopathic medicine 30-40 minutes before meals or 30-40 after meals.
होम्योपैथिक दवा भोजन से 30-40 मिनट पहले या भोजन के 30-40 मिनट बाद लें।

2 : After taking a homeopathic medicine, keep a gap of 5 to 10 minutes in the second medicine.
होम्योपैथिक दवा लेने के बाद दूसरी दवा में 5 से 10 मिनट का अंतर रखें।

Terms and conditions:
Homeopathic products should be used on the basis of symptoms.
For best results of homeopathic medicine the drug should be used according to the consultation of a doctor.
नियम और शर्तें:
लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक उत्पादों का उपयोग किया जाना चाहिए।
होम्योपैथिक दवा के सर्वोत्तम परिणामों के लिए दवा का उपयोग डॉक्टर के परामर्श के अनुसार किया जाना चाहिए।

Reviews

There are no reviews yet.

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.

%d bloggers like this: