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Willmar Schwabe India Passiflora Incarnata 30 CH (30ml)

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नींद न आना, सिरदर्द, लगातार चिंता, सांस लेने में कठिनाई, बवासीर।
Sleeplessness, Headache, Constant worry, Breathing difficulty, piles.

90.00

Description

WSI Passiflora Incarnata 30 CH

Medicine Name : Passiflora Incarnata 30 CH
Company Name : Willmar Schwabe India
Ingredients Base : Homeopathic
Form : Drops
Presentation : 30 ML
Potency : 30 CH (Dilution)

पैसीफ्लोरा- passiflora

Other Name:  Passion flower, Wild apricot
अन्य नाम: जुनून फूल, जंगली खुबानी।

About passiflora ,पैसीफ्लोरा के बारें में :

Use of the medicine Passiflora in excessive quantity causes unconsciousness and symptoms like paralysis also occur. If there is more stimulation in the nerves of the children and muscle stiffness, using this drug is beneficial.
पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग अधिक मात्रा में करने से बेहोशी उत्पन्न होती है और लकवा रोग जैसे लक्षण भी उत्पन्न हो जाते हैं। बच्चों के नाड़ियों में अधिक उत्तेजना होने और मांसपेशियों में अकड़न होने पर, इस औषधि का प्रयोग करने से लाभ मिलता है।

Use of passiflora medicine in various symptoms:
विभिन्न लक्षणों में पैसीफ्लोरा औषधि का उपयोग :

Symptoms related to mind:
In the condition of insanity, treatment with the drug Paciflora benefits the patient. Dhanushtankar can also cure the disease.
मन से सम्बन्धित लक्षण :
पागलपन की तेज अवस्था होने पर पैसीफ्लोरा औषधि से उपचार करने से रोगी को लाभ मिलता है। धनुषटंकार रोग को भी यह ठीक कर सकता है।

Symptoms related to external organs of the body:
Disease causing disorder in the whole body, which causes the body to swagger like a command, more stiffness is felt on the back. Paciflora drug should be used to cure the symptoms of the patient suffering from such symptoms.
शरीर के बाहरी अंगों से सम्बन्धित लक्षण :
सारे शरीर में विकार उत्पन्न करने वाला रोग जिससे शरीर कमान की तरह अकड़ जाता है, पीठ के तरफ अधिक अकड़न महसूस होती है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

Symptoms related to syncope:
If the problem of unconsciousness is more during delivery, the patient gets more benefit from its use. Paciflora drug should be used to cure the disease in the event of insanity in the body. It is beneficial to use Paciflora drug to overcome the state of unconsciousness.
बेहोशी से सम्बन्धित लक्षण :
प्रसव के समय में बेहोशी की समस्या अधिक होने पर इसके प्रयोग से रोगी स्त्री को अधिक लाभ मिलता है। पूरे शरीर में कंपन होने के साथ ही पागलपन की स्थिति उत्पन्न होने पर रोग को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का उपयोग करना चाहिए। बेहोशी की अवस्था को दूर करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का उपयोग करना फायदेमन्द होता है।

Symptoms related to head:
Headache hurts and it looks like the skull will blow. It feels like the eyes are being pulled outward. It is advisable to use Paciflora drug to cure the symptoms of the patient suffering from such symptoms.
सिर से सम्बन्धित लक्षण :
सिर में तेज दर्द होता है और ऐसा लगता है कि खोपड़ी उड़ जाएगी। ऐसा महसूस होता है कि आंखों को बाहर की ओर खींचा जा रहा है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग करना उचित होता है।

Symptoms related to sleep:
Neurological disorder arises, mental problems are more, feeling tired, cold of body and not sleeping properly, children are not able to sleep properly. If any person has any of these types of symptoms, then Paciflora drug should be used to cure the symptoms of his disease.
नींद से सम्बन्धित लक्षण :
स्नायुविक विकार उत्पन्न होना, मानसिक परेशानियां अधिक होना, थकना महसूस होना, शरीर का एकदम ठण्डा पड़ जाना तथा ठीक प्रकार से नींद न आना, बच्चों को ठीक प्रकार से नींद न आना। इस प्रकार के लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति को हो गया है तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

Symptoms related to stomach: Fever due to worms in stomach, wind in the stomach and belching along with it. Using Paciflora drug is beneficial to cure the symptoms of the patient suffering from such symptoms.
पेट से सम्बन्धित लक्षण : पेट में कीड़े होने के कारण बुखार आना, पेट में वायु बनना तथा इसके साथ ही डकारें आना। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग करना लाभदायक होता है।

Symptoms related to feces:
The patient starts having diarrhea and also has abdominal pain. Paciflora drug should be used to cure the symptoms of the patient suffering from such symptoms.
मल से सम्बन्धित लक्षण :
रोगी को दस्त होने लगता है तथा इसके साथ ही पेट में दर्द भी होता है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

Symptoms related to breathing institute:
Asthma disease, whooping cough and fasting cough at night time. Neurological pain along with such symptoms. Using Paciflora drug is beneficial to cure the symptoms of a patient suffering from such symptoms.
श्वास संस्थान से सम्बन्धित लक्षण :
दमा रोग होना, कुकुर खांसी होना तथा रात के समय में खांसी तेज होना। इस प्रकार के लक्षणों के साथ ही स्नायुविक पीड़ा होना। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग करना फायदेमन्द होता है।

Increment:
Symptoms of the disease are exacerbated by over-exertion, mental troubles, over-tiredness, mental excitement, neurological and after eating.
वृद्धि (ऐगग्रेवेशन) :
अधिक परिश्रम करने से, मानसिक परेशानियों से, अधिक थक जाने से, मानसिक उत्तेजना होने से, स्नायविकता से तथा भोजन करने के बाद रोग के लक्षणों में वृद्धि होती है।

Mitigation (Amalieration):
Symptoms of the disease are destroyed by remaining silent.
शमन (एमेलिओरेशन) :
चुप रहने से रोग के लक्षण नष्ट होते हैं।

Side effects :
Use of the drug passiflora in excessive quantity causes unconsciousness and symptoms like paralysis also occur.
दुष्प्रभाव :
पैसीफ्लोरा औषधि का प्रयोग अधिक मात्रा में करने से बेहोशी उत्पन्न होती है और लकवा रोग जैसे लक्षण भी उत्पन्न हो जाते हैं।

Dosage :
Take 5 drops in half cup of water three times a day.
खुराक:
आधा कप पानी में 5 बूंद दिन में तीन बार लें।

How to take medicine :
1 : Take homeopathic medicine 30-40 minutes before meals or 30-40 after meals.
होम्योपैथिक दवा भोजन से 30-40 मिनट पहले या भोजन के 30-40 मिनट बाद लें।

2 : After taking a homeopathic medicine, keep a gap of 5 to 10 minutes in the second medicine.
होम्योपैथिक दवा लेने के बाद दूसरी दवा में 5 से 10 मिनट का अंतर रखें।

Terms and conditions:
Homeopathic products should be used on the basis of symptoms.
For best results of homeopathic medicine the drug should be used according to the consultation of a doctor.
लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक उत्पादों का उपयोग किया जाना चाहिए।
होम्योपैथिक दवा के सर्वोत्तम परिणामों के लिए दवा का उपयोग डॉक्टर के परामर्श के अनुसार किया जाना चाहिए।

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