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Willmar Schwabe India Palladium 200 CH (30ml)

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डिम्बग्रंथि अल्सर, कटिस्नायुशूल, सिरदर्द, खुजली के लिए।
For ovarian cysts, sciatica, headaches, itching.

100.00

Description

Wsi Palladium 200ch

Medicine Name : Palladium 200 CH
Company Name : Willmar Schwabe India
Ingredients Base : Homeopathic
Form : Drops
Presentation : 30 ML
Potency : 200 Ch (Dilution)

Palladium, पैलेडियम

Palladium(Dilution)
Common Name: The metal 
सामान्य नाम: धातु

कारण और लक्षण :
यह स्त्री रोगों को ठीक करने की प्रमुख औषधि है। डिम्बाशय के सभी प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए पैलेडियम औषधि का उपयोग लाभदायक होता है। यह जीर्ण डिम्बाशय रोग के लक्षणों को भी ठीक कर सकता है। यह उन अवस्थाओं में भी उपयोगी है जहां ग्रन्थिसार ऊतक पूर्णतया नष्ट न हुआ हो। पैलेडियम औषधि मन तथा त्वचा से सम्बन्धित रोग के लक्षण को ठीक करती है। शरीर में अधिक कमजोरी को भी यह दूर करती है। पैलेडियम औषधि का प्रयोग उन रोगियों के रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है जिसमें कई प्रकार के लक्षण होते हैं जो इस प्रकार हैं- रोगी का मिजाज गर्म होता है, वह कड़वी बातें करता हैं, अत्यधिक घमण्डी स्वभाव का हो जाता है, अपनी प्रशंसा सुनकर रोगी अधिक खुश होता है, यदि रोगी से कोई उसके बारे में बुरी बात करता है तो वह एकदम गुस्सें में आ जाता है, जरा सी बात पर रोने लगता है।
विभिन्न लक्षणों में पैलेडियम औषधि का

Causes and symptoms :
It is the main medicine to cure female diseases. Using palladium is beneficial for curing all types of diseases of the ovarian. It can also cure the symptoms of chronic ovarian disease. It is also useful in cases where the glandular tissue is not completely destroyed. Palladium medicine cures the symptoms of diseases related to mind and skin. It also removes more weakness in the body. Palladium drug is used to cure the diseases of those patients who have many types of symptoms which are as follows- The mood of the patient is hot, he talks bitterly, becomes very arrogant in nature, his The patient is more happy on hearing the praise, if someone speaks badly about him to the patient, he gets very angry, starts crying at the slightest.
Palladium medicine in various symptoms

मन से सम्बन्धित लक्षण :
पैलेडियम औषधि का प्रयोग उन रोगियों के रोगों को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है जिनमें इस प्रकार के लक्षण होते हैं- रोने का मन करना, रोगी को चापलूसी करने का मन करता है, घमण्डी स्वभाव हो जाता है, बुरा बरताव करने का मन करता है, तीखी भाषा बोलने का मन करता है। इस प्रकार के लक्षण होने के साथ ही रोगी को अधिक थकावट भी महसूस होती है और शरीर के कई अंगों में दर्द भी होता है।
Symptoms related to mind:
Palladium medicine is used to cure the diseases of those patients who have such symptoms – to feel like crying, to feel flattering, to have arrogant nature, to behave badly Does, wants to speak sharp language. With this type of symptom, the patient also feels more tired and has pain in many parts of the body.

सिर से सम्बन्धित लक्षण :
रोगी को ऐसा महसूस होता है कि सिर आगे तथा पीछे की ओर झूल रहा है तथा इसके साथ ही कनपटी और सिर के पीछे के भाग में दर्द होता है रहता है, सिर के नाड़ियों में भी दर्द होता है। सिर में दर्द होने के साथ ही ऐसा महसूस होता है कि दर्द एक कान से दूसरे कान तक जा रहा है, शाम के समय में तथा मनोरंजन करने के बाद दर्द अधिक होता है तथा इसके साथ ही चिड़चिड़ापन महसूस होता है और खट्टी-खट्टी डकारें आती है। इस प्रकार के सिर से सम्बन्धित लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति को हो गया है तथा इसके साथ ही चेहरा धूमिल सा लग रहा हो तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैलेडियम औषधि का प्रयोग करना चाहिए।
Symptoms related to head:
The patient feels that the head is swinging forward and backward and with this, there is pain in the temple and the back of the head, there is also pain in the nerves of the head. With a headache, it is felt that the pain is going from one ear to the other, in the evening and after being entertained, the pain is more and along with it, irritability is felt and sour belching. is. If any of the symptoms related to this type of head has happened to a person and at the same time, the face looks blurred, then palladium should be used to cure the symptoms of his disease.

पेट से सम्बन्धित लक्षण :
नाभि से छाती के आस-पास ऐसा दर्द होता है जैसे कि इस भाग में गोली लग गई हो। ऐसा लगता है कि आंतों को दांतों से काट लिया गया हो। आंतें अवरूद्ध प्रतीत होती है। पेट में दर्द होता है तथा इसके साथ ही दाहिने जांघ में सूजन भी आ जाती है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैलेडियम औषधि का प्रयोग करना फायदेमन्द होता है।
Symptoms related to stomach:
There is such pain around the chest from the navel as if a shot has been made in this part. It is as if the intestines have been cut off from the teeth. The bowels appear to be blocked. There is pain in the stomach and along with it there is swelling in the right thigh. Using palladium is beneficial to cure the symptoms of the patient suffering from such symptoms.

स्त्री रोग से सम्बन्धित लक्षण :
गर्भाशय का भाग चिर जाता है और उसमें दर्द भी होता रहता है। छाती के आस-पास दर्द होता है तथा पेट में जलन महसूस होती है तथा इसके साथ ही पेट के दाईं ओर दर्द होता है और पीठ में भी दर्द होता है। इस प्रकार के लक्षण मासिकधर्म के समय में अधिक होता है तथा स्राव अधिक होता है। छाती में तीर चुभने जैसा दर्द होता है तथा इसके साथ ही इस भाग में जलन होने के साथ ही दर्द होता है और कमर से नीचे के भागों में दबाव महसूस होता है। जब कमर से नीचे के भागों से कुछ रगड़तें हैं तो आराम मिलता है। दाहिने डिम्बाशय में दर्द होने के साथ ही सूजन आ जाती है। गर्भाशय की ऊपरी झिल्ली में दर्द होता है तथा मलत्याग करने के बाद आराम मिलता है। प्रदर रोग होने के साथ ही सफेद रंग का स्राव अधिक होता है। इस प्रकार के लक्षण के साथ ही दाहिने नितम्ब में सूजन आ जाती है, कंधे पर दर्द होता है, पेट में दर्द होता है तथा दाहिने स्तन व चूचक के पास सुई चुभन जैसी दर्द महसूस होती है। नाभि से स्तन तक दर्द होता है और गोली लगने जैसा दर्द महसूस होता है और दर्द इतना तेज होता है कि वह असहनीय हो जाता है। स्तनपान कराते समय मासिकस्राव शुरू हो जाता है। दाहिने स्तन के चूचक के पास सुई की चुभन जैसा दर्द होता है। यह स्त्री रोगों की उस दशा में निर्दिष्ट करती है जब रोग दायें डिम्बकोष से आरम्भ हआ हो तथा गर्भाशय का ऊपरी भाग छील गया हो या गर्भाशय अपने स्थान से हट गया हो तथा छाती व पेट के आस-पास दर्द के साथ जलन हो। इस प्रकार के स्त्री रोग से सम्बन्धित लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी स्त्री को हो गया है तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैलेडियम औषधि का प्रयोग करना चाहिए उचित होता है।
Symptoms related to gynecology:
The part of the uterus is severed and there is pain in it. There is pain around the chest and there is a burning sensation in the stomach and along with this, there is pain on the right side of the stomach and also in the back. This type of symptom is more during menstrual period and the secretion is more. There is pain like pricking arrow in the chest and with this, there is pain with burning sensation in this part and pressure is felt in the parts below the waist. When there is some rubbing from the parts below the waist, then it is relaxed. Swelling comes with pain in the right ovary. There is pain in the upper membrane of the uterus and after excretion, it is relaxed. The secretion of white color is high with leucorrhoea. With this type of symptom, there is swelling in the right buttock, there is pain on the shoulder, there is pain in the stomach, and there is a feeling of needle prick near the right breast and nipple. There is pain from the navel to the breast and feels pain like a bullet and the pain is so intense that it becomes unbearable. Menstruation begins while breastfeeding. There is pain like needle prick near the teak of the right breast. It refers to the condition of female diseases when the disease has started from the right ovary and the upper part of the uterus has been peeled or the uterus has moved from its place and there is burning sensation with pain around the chest and abdomen. If any of the symptoms related to this type of gynecology has occurred to a woman, then using Palladium should be appropriate to cure the symptoms of her disease.

शरीर के बाहरी अंगों से सम्बन्धित लक्षण :
शरीर के कई अंगों पर घाव होने के साथ ही खुजली भी होती है। पीठ के पिछले भाग में थकान महसूस होती है। कई अंगों की नाड़ियों में दर्द होता है। अंगों में भारीपन व थकान महसूस होती है। पैर की उंगलियों से नितम्बों तक तेज चुभती हुई दर्द महसूस होती है। दायें कंधे व दायें नितम्ब के जोड़ों पर दर्द होता है। गृध्रसी रोगी हो जाता है। इस प्रकार के लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति को हो गया है तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पैलेडियम औषधि का प्रयोग करना लाभदायक होता है।
Symptoms related to external organs of the body:
Itching occurs along with wounds on many parts of the body. Fatigue occurs in the back of the back. There is pain in the nerves of many organs. Feeling of heaviness and fatigue in the limbs. A sharp stinging pain is felt from the toes to the buttocks. There is pain on the right shoulder and right hip joints. The eardrum becomes a patient. If a person has any of these symptoms, then using palladium is beneficial to cure the symptoms of his disease.

सम्बन्ध (रिलेशन) :
आर्जेन्टम, हेलोनि, एपिस तथा हेलोनि के कुछ गुणों की तुलना पैलेडियम औषधि से कर सकते हैं।
Relationship:
Some properties of argentum, helonii, apis and halonii can be compared with palladium.

पूरक : प्लैटीना।
Complement: Platina.

Side effects of Palladium ,दुष्प्रभाव
There are no such side effects. But every medicine should be taken following the rules as given. 
ऐसे कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। लेकिन हर दवा को दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए।

It is safe to take the medicine even if you are on other mode of medication like allopathy medicines, ayurvedic etc. 
यदि आप किसी अन्य चिकित्सा पद्धति जैसे एलोपैथी दवाओं, आयुर्वेदिक आदि पर हैं तो भी दवा लेना सुरक्षित है।

होम्योपैथिक दवाएं कभी भी अन्य दवाओं की कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं करती हैं।
Homeopathic medicines never interfere with the action of other medicines.

Dosage and rules while taking :
आधा कप पानी में 5 बूंद दिन में तीन बार लें।
Take 5 drops in half cup of water three times a day.

How to take medicine :
1 : Take homeopathic medicine 30-40 minutes before meals or 30-40 after meals.
होम्योपैथिक दवा भोजन से 30-40 मिनट पहले या भोजन के 30-40 मिनट बाद लें।

2 : After taking a homeopathic medicine, keep a gap of 5 to 10 minutes in the second medicine.

होम्योपैथिक दवा लेने के बाद दूसरी दवा में 5 से 10 मिनट का अंतर रखें।

Terms and conditions:
Homeopathic products should be used on the basis of symptoms.
For best results of homeopathic medicine the drug should be used according to the consultation of a doctor.
लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक उत्पादों का उपयोग किया जाना चाहिए।
होम्योपैथिक दवा के सर्वोत्तम परिणामों के लिए दवा का उपयोग डॉक्टर के परामर्श के अनुसार किया जाना चाहिए।

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