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SBL Penthorum Sedoides 1M (1000 CH) (30ml)

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नथुने में लालिमा के लिए, नाक बह रही है, कठिनाई।
For rawness in nostrils, running nose, difficulty breathing, congestion.

120.00

SKU: 18191 Categories: , Brand: SBL ,

Description

SBL Penthorum Sedoides 1M (1000 CH)

Medicine Name : Penthorum Sedoides 1M (1000 CH)
Company Name : SBL
Ingredients Base : Homeopathic
Form : Drops
Presentation : 30 ML
Potency : Penthorum Sedoides 1M (1000 CH) (Dilution)

Common Name: Virginia Stone-crop 
सामान्य नाम: वर्जीनिया स्टोन-क्रॉप

पेन्थोरम – Penthorum

About Penthorum medicine:

Penthorum is a type of cold and cold medicine in which rawness and cold feel inside the nose. There is a feeling of rawness in the throat, stimulation of the mucous membranes with long-lasting series, chronic inflammatory disease of the throat, as well as mucous membranes become purple and cold, the nose and ears feel full, the throat becomes sore and There is also a sore throat and at the same time, the larynx of the throat becomes cold, there is excess secretion from the mucous membranes, itching on the anus and irritation in the rectum, wound in the food pipe and the cervical tube. If any person has any of these symptoms, then Penthorum drug should be used to cure the symptoms of his disease.

पेन्थोरम औषधि के बारे में :
पेन्थोरम औषधि एक प्रकार की ऐसी सर्दी तथा जुकाम की औषधि है जिसमें नाक के अन्दर कच्चापन और ठण्ड महसूस होती है। गले में कच्चापन महसूस होता है, श्लैष्मिक झिल्लियों की दीर्घस्थायी विश्रृंखलाओं के साथ उत्तेजना होना, गले में सूजन होने का पुराना रोग तथा इसके साथ ही श्लैष्मिक झिल्लियां बैंगनी और ठण्डी पड़ जाती हैं, नाक और कान भरे हुए लगते हैं, गला बैठ जाता है और गले में खराश भी होती है तथा इसके साथ ही गले का स्वरयन्त्र ठण्डा हो जाता है, श्लैष्मिक झिल्लियों से अधिक स्राव होता है, मलद्वार पर खुजली होती है और मलांत्र में जलन होती है, भोजन नली और कम्बुकर्णी नली में घाव हो जाता है। इस प्रकार के लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति को हो गया है तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पेन्थोरम औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

Use of medicine in various symptoms :

Symptoms related to the nose: Constant wetness is felt inside the nose which does not reduce even after perforation of the nose in any way. There is a secretion of phlegm mixed with thick pus like blood from the nose. During puberty, there is secretion from the posterior nerves. If any person has any of these symptoms, then Panthorum drug should be used to cure the symptoms of his disease, as a result of which such symptoms are cured.
विभिन्न लक्षणों में औषधि का उपयोग :
नाक से सम्बन्धित लक्षण : नाक के अन्दर लगातार गीलापन महसूस होता है जो किसी भी परिमाण में नाक को छिड़कने पर भी कम नहीं होती है। नाक से गाढ़ा पीब जैसा खून मिला हुआ कफ का स्राव होता है। यौवनारम्भकाल में पश्चनासाररन्ध्रों से स्राव होता रहता है। इस प्रकार के लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति को हो गया है तो उसके रोग के लक्षणों को ठीक करने के लिए पेन्थोरम औषधि का प्रयोग करना चाहिए जिसके फलस्वरूप इस प्रकार के लक्षण ठीक हो जाते हैं।

Relations:
Some properties of Palsa, Hydra and Sangvi medicines can be compared with the drug Panthorum.
सम्बन्ध :
पल्सा, हाइड्रै तथा सैंग्वी औषधियों के कुछ गुणों की तुलना पेन्थोरम औषधि से कर सकते हैं।

Side effects :
There are no such side effects. But every medicine should be taken following the rules as given. 
साइड इफेक्ट्स :
ऐसे कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। लेकिन हर दवा को दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए।

It is safe to take the medicine even if you are on other mode of medication like allopathy medicines, ayurvedic etc. 
यदि आप किसी अन्य चिकित्सा पद्धति जैसे एलोपैथी दवाओं, आयुर्वेदिक आदि पर हैं तो भी दवा लेना सुरक्षित है।

Homeopathic medicines never interfere with the action of other medicines.
होम्योपैथिक दवाएं कभी भी अन्य दवाओं की कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं करती हैं।

Dosage and rules while taking :
Take 5 drops in half cup of water three times a day.
लेते समय खुराक और नियम :
आधा कप पानी में 5 बूंद दिन में तीन बार लें।

How to take medicine :
1 : Take homeopathic medicine 30-40 minutes before meals or 30-40 after meals.
होम्योपैथिक दवा भोजन से 30-40 मिनट पहले या भोजन के 30-40 मिनट बाद लें।

2 : After taking a homeopathic medicine, keep a gap of 5 to 10 minutes in the second medicine.
होम्योपैथिक दवा लेने के बाद दूसरी दवा में 5 से 10 मिनट का अंतर रखें।

Terms and conditions:
Homeopathic products should be used on the basis of symptoms.
For best results of homeopathic medicine the drug should be used according to the consultation of a doctor.
नियम और शर्तें:
लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक उत्पादों का उपयोग किया जाना चाहिए।
होम्योपैथिक दवा के सर्वोत्तम परिणामों के लिए दवा का उपयोग डॉक्टर के परामर्श के अनुसार किया जाना चाहिए।

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